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रंजीता मेहता हुई एसके वोहरा पर आक्रामक

देश प्यार प्रतिनिधि, पंचकूला
लगातार सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार करने वाले एसके वोहरा के खिलाफ पहली बार हरियाणा प्रदेश महिला कांग्रेस की वरिष्ठ उपप्रधान रंजीता मेहता पुख्ता सबूतों एवं दस्तावेजों के साथ मीडिया से रुबरु हुईं। रंजीता मेहता ने प्रेस कांफ्रेंस में कई ऐसे पीडि़तों को मीडिया के समक्ष पेश किये, जोकि एसके वोहरा से प्रताडि़त थे। रंजीता मेहता ने आरोप लगाया कि एसके वोहरा का काम ही लोगों के करीब जाना, फिर उनके दस्तावेजों ऐंठ कर उन्हें ब्लैकमेल करना है। रंजीता मेहता ने आरोप लगाया कि इस पूरी साजिश के पीछे पंचकूला के विधायक एवं एक अधिकारी शामिल हैं। मेरे खिलाफ जो प्रेस कांफ्रेंस एसके वोहरा ने की थी, वह ज्ञान चंद गुप्ता के इशारे पर हुई थी और विधायक के कहने पर अधिकारी ने अपने सरकारी कार्यालय खुद और अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को प्रेस कांफ्रेंस के लिये निमंत्रण भेजा था। रंजीता मेहता ने कोर्ट में एसके वोहरा के अलावा विधायक एवं अधिकारी को पार्टी बनाया था। कोर्ट ने एसके वोहरा के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए पंचकूला पुलिस को निर्देश दिये हैं, जबकि गुप्ता एवं अधिकारी को मामले से हटा दिया है। रंजीता मेहता ने कहा कि यह एक सरकारी अधिकारी है और उनकी रिकॉर्डिंग जिसमें वह स्पष्ट तौर पर कह रहे हैं कि विधायक ज्ञान चंद गुप्ता ने उन्हें प्रेस कांफ्रेंस का निमंत्रण देने के लिए कहा है, वह मेरे पास मौजूद है। इस संबंध में मैं अधिकारी के खिलाफ उनके उच्चाधिकारियों को भी शिकायत दर्ज करवाऊंगी।
रंजीता मेहता ने बताया कि भाजपा की सरकार को बने 4 साल हो गए। उन्होंने जो बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का झूठा नारा दिया, वह भाजपा विधायक ज्ञानचंद गुप्ता ने अपनी हरकतों से साबित कर दिया है कि बेटियों के खिलाफ साजिश करवाओ बेटियों को बदनाम करवाओ। आज भाजपा ने साबित कर दिया है कि बेटियों को किसी और से नहीं बल्कि स्थानीय विधायकों के गंदे रातों से बचाने की जरूरत है। हाल ही में अमित गुप्ता जो स्थानीय विधायक ज्ञानचंद गुप्ता का नजदीकी रिश्तेदार बताया गया था, के खिलाफ मैंने अश्लील वीडियो सोशल मीडिया ग्रुप में डालने के मामले में एक मुकदमा दर्ज करवाया था, जिसमें सैशन एवं हाईकोर्ट से उसकी जमानत रद्द हो गई थी। इसी के चलते विधायक ने पहले अपनी रिश्तेदार वंदना गुप्ता से पूर्व मेयर उपिंदर कौर आहलूवालिया के पति के खिलाफ केस दर्ज करवाया और जब मेरे खिलाफ कुछ हाथ नहीं लगा, तो एसके वोहरा को मोहरा बनाकर पंचकूला के एक अधिकारी से फोन करवाकर मेरे खिलाफ दिनांक 28 सितंबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करवाई, जिसमें मेरे खिलाफ झूठे और बेबुनियाद आरोप लगा कर मुझे बदनाम करने की कोशिश की। सारी कहानी के पीछे पूरा एक ही मकसद था कि 30 सितंबर 2018 को पंचकूला में हरियाणा प्रदेश महिला कांग्रेस की महिला अधिकार सम्मेलन का आयोजन किया था, जिसको यह लोग फ्लॉप करवाने की मंशा रखते थे और मुझे बदनाम करने के उद्देश्य से उन्होंने यह षड्यंत्र रचा।
वहीं इस संबंध में पंचकूला के विधायक ज्ञान चंद गुप्ता ने कहा कि रंजीता मेहता को मेरे नाम का फोबिया हो गया है और उन्हें हर बात में मेरे खिलाफ आरोप लगाने की आदत हो चुकी है। एसके वोहरा एक दिन मेरे पास आये थे और मुझे अपनी बात बताई थी, लेकिन मामला उनका निजी होने के चलते मैंने उन्हें कुछ मदद करने से इंकार कर दिया था।