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हरियाणा के पूर्व वरिष्ठ आइएएस की कोठी को चोरों के निशाने से बचाया, देखिये कैसे!

अभिराज मलकानियां, पंचकूला

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सेक्टर 4 एमडीसी में हरियाणा के पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव की कोठी में चोर घुस गये। घर की ग्रिल तोड दी। अंदर घुस गये, अचानक एक चोर का पैर पैनिक बटन पर लग गया और सायरन बज उठा। 5 से 7 मिनट के बाद सेक्टर 9 पंचकूला की ग्लोबल सिक्योरेक्स की टीम मौके पर पहुंच गई और टीम के पहुंचते ही चोर भाग गये। घर से चोर एक रुपया भी नहीं ले जा सके।
दरअसल शहर में रहने वाले सेवानिवृत्त बुजुर्गो एवं अकेले रहने वाले दंपती की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य काफी चिंता का विषय है। ऐसे बुजुर्गो की कई बार समय पर चिकित्सा न मिलने से मौत भी हो जाती है। साथ ही शहर में अकेले रहने वाले बुजुर्गो को लुटेरे भी अपना शिकार बना चुके है। कई बार पुलिस भी पहुंचने में लेट हो जाती है, इसलिए ऐसे बुजुर्गो को अब सुरक्षा एवं स्वास्थ्य के लिए चिंता करने की जरूरत नहीं। एक पैनिक बटन दबते ही घर पर सुरक्षा दल एवं मल्टी स्पेशलिस्ट चिकित्सा दल पहुंच जाएगा। ग्लोबल सिक्योरेक्स की ओर से शहर के बुजुर्गो के लिए यह पैनिक बटन उनके घर पर लगाया जाएगा और 24 घंटे सुरक्षा एवं चिकित्सा उनके लिए उपलब्ध रहेगी।
ग्लोबल सिक्योरेक्स के संजीवन ने बताया कि मेडिकल इमरजेंसी बटन आपातकालीन समय के लिए सबसे छोटी सुविधा है। इसके बाद चिकित्सक दल भी तुरंत मौके पर पहुंचता है, जिसमें अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों से लैस एंबुलेंस के लिए मौके पर पहुंच जाते है। इसमें एक डॉक्टर, पेरामेडिकल स्टाफ के पास एएलएस इमरजेंसी किट, टीके, आइवी फ्लयूड, आंखों के ड्रॉप, गोलियां, सर्जिकल, ट्रॉमा, जलने से राहत देने के उपकरण हैं। ऑक्सीजन पाइप, न्यूब्लीजर, सक्शन पंप, वेक्यूम स्पिलंट, स्पाइन बोर्ड, स्ट्रेयर चेयर, फोल्डिंग चेयर्स, हेड इमोबिल्जिर, मल्टी पेरा, एईडी, वेंटीलेटर उपलब्ध है। शहर में बुजुर्ग अकेले रहते है, इसलिए उनके स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह छोटा अस्पताल तैयार किया गया है, ताकि तुरंत रिलीफ मिल सके।
शहर में बंद कोठियों पर चोरों की पैनी नजर रहती है। चोर शहर में दिन के समय रेकी करते हैं और रात को वारदात करने के लिए पहुंच जाते हैं। साथ ही आजकल छोटे बच्चे भी इस गिरोह में सक्रिय हैं, जोकि बंद कोठी के आसपास क्रिकेट खेलते हैं और बॉल कोठी के अंदर फेंककर अंदर घुस जाते हैं, जिसके बाद वह कोठी में चोरी की वारदात को अंजाम देकर चुपचाप निकल लेते हैं। ऐसे कुछ मामले में शहर में सामने आ चुके हैं, जिसके बाद स्थानीय लोग काफी सहमे हुए हैं। इसलिए ग्लोबल सिक्योरेक्स की ओर से विशेष सुरक्षा दल बनाया गया है। घरों में एक अलार्म सिस्टम लगा देते है। यह सेलुलर तकनीक है, जो किसी भी मौसम में संचालित रहती है। कंट्रोल पैनल उपकरण अलार्म सिस्टम एवं डायलरस को नियंत्रित करता है। यदि घर को घुसने की कोशिश करे, तो यदि इस सिस्टम को टच किया, तो अलार्म बजने लगता है और 8 से 10 सुरक्षा गार्ड मौके पर पहुंच जाते है। यहां लगता है यह सिस्टम
मोशन सेंसर घरों एवं दफ्तरों की सुरक्षा के लिए लगता है, जिसमें गति व शरीर की गर्मी को महसूस करता है। जिसमें दरवाजा सेंसर, पैनिक बटन, मेडिकल इमरजेंसी बटन बहुत उपयोगी है। इसके अलावा इंटर्नल सायरन भी स्वाचालित है, जोकि बहुत जोर से बजता है और बैटरी बैकअप भी है। कई घरों को चोरी से बचाया
ग्लोबल सिक्योरेक्स के एमडी संजीवन ने बताया कि शहर में चोर काफी सक्रिया हैं और पंचकूला वीवीआइपी लोगों का शहर है। जहा पर कोई न कोई घटना रोजाना होती है। वह अपनी सेवाएं लगभग एक हजार लोगों को दे रहे हैं। शहर में हर महीने कहीं न कहीं चोरी होते हैं, लेकिन जैसे ही उनके पास अलार्म से सूचना मिलती है, उनके गार्ड तीन से पाच मिनट में पहुंच जाते हैं। जिसके बाद आरोपित को दबोचकर पुलिस के हवाले कर देते हैं। ऐसे कई चोरी के मामले होने से बचा चुके हैं। इसके अलावा ग्लोबल सिक्योरेक्स की ओर से लोगों को पैनिक बटन की सुविधा दी जा रही है, जिसमें वह आपातकालीन स्थिति में सुरक्षा बल मंगवा सकते है।
जज और डॉक्टर की कोठी थी निशाने पर
गत वर्ष 17 जून को सेक्टर-26 में भी इस तरह की वारदात को अंजाम देने की कोशिश की गई थी। सबसे पहले चोरों ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरे को तोलिये से ढक दिया। कोठी में ग्लोबल सिक्योरेक्स का सिस्टम लगा था। जैसे ही उन्होंने दरवाजे पर लोहे से वार किया, सिक्योरिटी गार्ड पाच मिनट में मौके पर पहुंच गए और आरोपित मौके से भाग खड़े हुए। इसी तरह डॉ. दीपक की कोठी नंबर 491, सेक्टर-25 को भी चोरों ने गत 25 जून की तडक़े 3.34 बजे निशाना बनाने की कोशिश की थी, जैसे ही उन्होंने कोठी के पीछे लगी ग्रिल को निकाला, तो अलार्म बजते ही चोरों के होश उड़ गए थे।