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विश्व महिला मुक्केबाजी में, एमसी मैरीकॉम के अलावा भारत की तीन और बॉक्सर्स सेमीफाइनल में

विश्व महिला मुक्केबाजी में एमसी मैरीकॉम के अलावा भारत की तीन और बॉक्सर्स लवलिना बोरगोहाईं, सोनिया चहल और सिमरनजीत कौर ने सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। इन तीनों मुक्केबाजों ने विश्व मुक्केबाजी में पहली बार अपने पदक पक्के किए। विश्व महिला मुक्केबाजी में सेमीफाइनल में हारने वाली दोनों खिलाड़ियों को कांस्य पदक दिया जाता है। वहीं, भारत की चार मुक्केबाज मनीषा, भाग्यवती, पिंकी रानी और सीमा पुनिया क्वार्टर फाइनल में हारकर बाहर हो गईं।मैरीकॉम ने क्वार्टर फाइनल में चीन की वू यू को 5-0 से हराया। अब वे गुरुवार को होने वाले सेमीफाइनल में उत्तर कोरिया की किम हयांग मी से भिड़ेंगी। जीत के बाद मैरीकॉम ने कहा, ‘यह एक टफ बाउट थी। चीन के खिलाड़ी इंटरनेशनल टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन मैंने अच्छी शुरुआत की। इसके बाद कोई परेशानी नहीं हुई।’ सेमीफाइनल बाउट के बारे में उन्होंने बताया, ‘मैंने किम को पिछले साल एशियन चैम्पियनशिप में हराया है। मैं जीत के लिए आश्वस्त हूं लेकिन विरोधी खिलाड़ी को कमजोर नहीं मानती हूं।’

लवलिना ने 69 किग्रा भार वर्ग में ऑस्ट्रेलिया की फ्रांसिस केई स्कॉट को 5-0 से मात दी। लवलिना ने मुकाबला 30-27, 29-28, 30-27, 30-27, 30-27 से जीता। सोनिया ने 57 किग्रा वर्ग में कोलंबिया की येनी केस्टेनाडा को 4-1 से और 64 किग्रा वर्ग में सिमरनजीत ने आयरलैंड की एमी सारा 3-1 से हराकर मेडल पक्का किया। तीनों का यह वर्ल्ड चैम्पियनशिप का पहला मेडल है। वहीं, 54 किग्रा वर्ग में मनीषा मान को क्वार्टर में स्टोइका पेत्रोवा के हाथों 1-4 से शिकस्त मिली। भाग्यवती (81), पिंकी रानी (51) और सीमा पुनिया (81 किग्रा से अधिक) भी हारकर बाहर हो गईं।

भारत ने इस प्रतियोगिता में चार पदक पक्के कर लिए हैं। यह उसका 10 साल का सबसे अच्छा प्रदर्शन है। इससे पहले 2008 में भी भारत ने चार पदक जीते थे। हालांकि, हमारी खिलाड़ी 2006 में दिल्ली के प्रदर्शन को नहीं दोहरा पाईं थीं। 2006 में भारत ने चार स्वर्ण समेत आठ पदक जीते थे, जो विश्व चैम्पियनशिप में हमारा अब तक सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। बुधवार को कोई मुकाबला नहीं है। 22 और 23 को सेमीफाइनल, जबकि 24 को फाइनल खेला जाएगा।