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शगन लाल आहूजा फाऊंडेशन डिस्पेंसरी में लोगों के लिए वरदान

– 56 लड़कियों को 36 माह के लिए दिए वजीफे, 15 मेधावी छात्राओं को दिए लैपटॉप
-सेक्टर 10 में नि:शुल्क डिस्पेंसरी व कैंसर पीडि़तों के लिए सहायता दी
पंचकूला। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में शगन लाल आहूजा फाऊंडेशन वरदान साबित हो रहा है। फाऊंडेशन ने स्वर्गीय शगन लाल आहूजा के 93वें जन्मदिवस पर सेक्टर 10 डिसपेंसरी में एक कार्यक्रम आयोजित किया। जिसमें फाउंडेशन के संयोजक भारत हितैषी ने संकल्प दोहराया कि पिछले वर्षों की भांति इस वर्ष भी 12वीं की परीक्षा में सरकारी स्कूलों में पढ़ रही लड़कियों में से पहली, दूसरी व तीसरी पोजीशन पर रहने वाली तीन लड़कियों को लैपटॉप व पहली 11 छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए 36 महीने तक एक-एक हजार रुपए महीने के वजीफे प्रदान करेंगी। अभी तक शगन लाल आहूजा फाउंडेशन 56 लड़कियों को 36 महीने तक एक-एक हजार रुपए प्रतिमाह वजीफा प्रदान कर चुकी है। फाउंडेशन अब तक 15 लड़कियों को लैपटॉप भी प्रदान कर चुकी है। सरकारी स्कूलों में पढ़ रही यह वह लड़किया हैं जो मुक्तसर जिले में पहली, दूसरी व तीसरी पोजीशन पर रही हैं। इसके साथ ही फाउंडेशन 2019 तक अपना संकल्प ईमानदारी से पूरा कर चुकी है। अब 2020 के लिए यह दृढ़ संकल्प है कि अपने निश्चयों को पूरा कर सके।
भारत हितैषी ने बताया कि शगन लाल आहूजा फाऊंडेशन द्वारा सनातन धर्म मंदिर, सेक्टर 10 पंचकूला के प्रांगण में नि:शुल्क मैडीकल डिस्पैंसरी की स्थापना की गई है, जिसमें विशिष्ठ डाक्टरों की टीम मरीजों को मुफ्त परामर्श व मुफ्त दवाईयों से इलाज करते हैं। इस डिसपेंसरी का शुभारंभ हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता द्वारा किया गया है, जिसमें उन्होंने भारत हितैषी के प्रयासों को सराहा था। इस डिस्पैंसरी का सारा खर्च फाऊंडेशन द्वारा वहन किया जा रहा है। फाऊंडेशन द्वारा पंचकूला के सेक्टर 10 में स्थित सनातन धर्म मंदिर के प्रांगण में चलाई जा रही नि:शुल्क मैडीकल डिस्पैंसरी को आजीवन चलाने का संकल्प लिया गया था, इसमें विभिन्न स्पेशलिस्ट डाक्टरों द्वारा सेवाएं दी जा रही हैं। इसके साथ ही फाऊंडेशन द्वारा कैंसर जैसी भयावह बिमारी के लिए निर्धन व जरूरत मंद मरीजों की यथासंभव सहायता प्रदान की जा रही है। इस डिसपेंसरी में रोजाना बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिये आते हैं। यह डिस्पेंसरी 2015 से चल रही है।
भारत हितैषी ने बताया कि फाउंडेशन 2015 में शुरू की गई थी और इसने पहले ही वर्ष शगन लाल आहूजा की महिला सशक्तिकरण की सोच को क्रियान्वित करने के लिए मुक्तसर जिले के सरकारी स्कूलों की 12 वीं की परीक्षा 2015 में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर रहीं छात्राओं को डैल लैपटॉप व वजीफे दिए गए जबकि पहली 23 मेधावी छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए एक-एक हजार रुपए प्रति महीने के वजीफे प्रदान किए गए जो लगातार 36 महीने मिलते रहे। भारत हितैषी ने बताया कि पिछले 2015 से 2019 की तरह ही 2020 के लिए भी फाउंडेशन की कार्यकारिणी ने यह फैसला लिया है कि 12वीं परीक्षा के रिजल्ट आते ही पहली, दूसरी और तीसरे पोजिशन पर रहने वाली लड़कियों को लैपटॉप और मेधावी छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए 36 महीने के लिए वजीफे प्रदान किए जाएंगे।